- व्यंग्य - सईद खान बेगम को कामवाली चाहिए। मैं बोला-‘नौ लखा ले लो।’ वह बोली-‘नहीं, कामवाली।’ ‘कार, बंगला...।’ मैनें उसके स्त्रीत्व …
Read moreमोहर्रम उल हराम, 1447 हिजरी ﷽ फरमाने रसूल ﷺ "रसुल अल्लाह ﷺ …
Read moreजिल हज्ज, 1446 हिजरी ﷽ फरमाने रसूल ﷺ "तुम अपने लिए भलाई के अलावा कोई और दुआ ना करो क्योंकि जो तुम कहते हो उस पर फरिश्ते आमीन कहते है।…
Read moreजी काअदा, 1446 हिजरी ﷽ फरमाने रसूल ﷺ "वो शख्स जन्नत में दाखिल नही होगा, जिसकी शरारतों से उसका हमसाया (पड़ोसी) बे ख़ौफ़ नही रहता।" -…
Read moreशव्वाल उल मुकर्रम, 1446 हिजरी ﷽ फरमाने रसूल ﷺ "सिर्फ तीन जगह पर झूठ जाएज़ और हलाल है, एक ये के आदमी अपनी बीवी से बात करें ताकि उसको …
Read moreशव्वाल उल मुकर्रम, 1446 हिजरी ﷽ फरमाने रसूल ﷺ "अल्लाह ताअला फरमाता है: मेरा बंदा किसी और चीज़ के जरिये मुझ से इतना करीब नहीं होता, जितना …
Read moreशव्वाल उल मुकर्रम, 1446 हिजरी ﷽ फरमाने रसूल ﷺ "जो कोई नजूमी (ज्योतिश) के पास जाए फिर उससे कुछ पूछे तो उसकी चालीस रात की नमाज़े क़ुबूल न ह…
Read more
Social Plugin